SONGFABLE · 1997

Around the World

DAFT PUNK · 1997

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Around the World - Daft Punk (1997)

TL;DR: "Around the World" असल में किसी प्रेम कहानी या यात्रा का गीत नहीं है — यह एक ऐसा प्रयोग है जहाँ Daft Punk ने सिर्फ एक ही वाक्य को बार-बार दोहराकर यह साबित कर दिया कि शब्द नहीं, बल्कि लय (groove) और दोहराव (repetition) ही डांस संगीत की आत्मा हैं।

जब एक ही वाक्य पूरी दुनिया घूम आया

सोचिए कि कोई गाना लगभग सात मिनट लंबा हो, और उसमें कुल मिलाकर सिर्फ तीन शब्दों का एक ही वाक्य गाया जाए — वही, बार-बार, लगभग एक सौ चौवालीस बार (कहा जाता है)। आम तौर पर यह सुनकर लगेगा कि यह तो उबाऊ होगा, एकरस होगा, झेलने लायक भी नहीं। पर Daft Punk ने ठीक इसी "खामी" को अपना सबसे बड़ा हथियार बना दिया।

"Around the World" की असली चालाकी यही है कि इसमें शब्दों का अर्थ लगभग शून्य कर दिया गया है, और उनकी जगह उन्हें एक और वाद्य यंत्र की तरह इस्तेमाल किया गया है। आवाज़ को एक vocoder (एक ऐसा यंत्र जो मानवीय आवाज़ को रोबोटिक बना देता है) से गुज़ारकर ऐसा बना दिया गया कि वह किसी मशीन की पुकार जैसी लगे। इंसानी भावना की जगह एक यंत्रवत, सम्मोहक दोहराव आ गया।

यह वह दौर था जब बहुत से लोग मानते थे कि अच्छे गाने के लिए गहरे, काव्यात्मक बोल ज़रूरी हैं। दो फ्रांसीसी नौजवानों ने इस धारणा को पलट दिया और कहा — नहीं, कभी-कभी सिर्फ एक groove ही काफ़ी होती है, जो आपके शरीर को अपने आप हिलने पर मजबूर कर दे।

पेरिस के दो लड़के और एक रोबोटिक सपना

Daft Punk दरअसल दो दोस्तों की जोड़ी है — Thomas Bangalter और Guy-Manuel de Homem-Christo। दोनों पेरिस में स्कूल के ज़माने से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआत में उन्होंने एक रॉक बैंड बनाया था जिसका नाम था "Darlin'"। कहा जाता है कि एक ब्रिटिश संगीत पत्रिका ने उनके संगीत को "a daft punky thrash" (एक बेवकूफ़ाना पंक शोर) कहकर खारिज कर दिया था। दोनों ने उस ताने को ही गले लगा लिया और अपनी नई पहचान का नाम रख दिया — Daft Punk। यह उनकी सोच की झलक है: आलोचना को मज़ाक में बदलकर, उसी को अपनी ताकत बना लेना।

1997 में आया उनका पहला एल्बम "Homework" इलेक्ट्रॉनिक संगीत के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है। इसी एल्बम का सबसे चमकीला रत्न था "Around the World"। यह उस "French House" लहर का हिस्सा था जिसने फ्रांस को अचानक दुनिया भर के डांस फ्लोर का केंद्र बना दिया।

यहाँ भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए एक दिलचस्प पुल है। भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत की आत्मा में "दोहराव" और "चक्र" गहराई से बसे हुए हैं — चाहे वह तबले की किसी ताल का बार-बार लौटना हो, किसी आलाप में एक ही स्वर पर ठहरना हो, या किसी भजन-कीर्तन में एक ही पंक्ति को घंटों दोहराकर एक तरह की समाधि की अवस्था में पहुँचना हो। "Around the World" का दोहराव भी ठीक उसी तरह काम करता है — वह आपको सोचने से रोककर सिर्फ महसूस करने और बहने पर मजबूर कर देता है। जो भारतीय श्रोता कीर्तन की उस "ट्रांस" अवस्था से परिचित हैं, उनके लिए इस गाने की यंत्रवत पुनरावृत्ति कोई अजनबी अनुभव नहीं, बल्कि एक जाना-पहचाना मनोवैज्ञानिक रास्ता है।

कहा जाता है कि Bangalter ने इस गाने की संरचना को बहुत सोच-समझकर बुना। हर वाद्य यंत्र — बास लाइन, ड्रम, सिंथेसाइज़र की धुन, और वह vocoder वाली आवाज़ — एक-दूसरे से अलग-अलग चक्रों में घूमते हैं, और बीच-बीच में आते-जाते रहते हैं। यह किसी ग्रह-नक्षत्रों की चाल जैसा है, जहाँ हर हिस्सा अपनी रफ़्तार से घूमता है पर पूरा मिलकर एक लय बनाता है।

जब शब्द मायने नहीं, एहसास मायने रखता है

अगर आप इस गाने के "बोलों का अर्थ" खोजने बैठेंगे, तो शायद निराश होंगे — क्योंकि वहाँ पारंपरिक अर्थ में कोई कहानी है ही नहीं। और यही इसका सबसे बड़ा संदेश है। यहाँ बोल किसी विचार को बताने के लिए नहीं, बल्कि एक ध्वनि-बनावट (texture) पैदा करने के लिए हैं।

जो वाक्य बार-बार दोहराया जाता है, वह एक तरह की निमंत्रण-पुकार जैसा है — मानो संगीत खुद आपको बुला रहा हो, पूरी दुनिया के साथ जुड़ने के लिए, एक साझा लय में बहने के लिए। इसमें कोई "मैं" और "तुम" का किस्सा नहीं, कोई दिल टूटने या मिलन की कहानी नहीं। इसके बजाय एक सामूहिक, सार्वभौमिक भावना है — कि संगीत की भाषा हर सीमा, हर देश, हर ज़बान से परे जाकर सबको एक कर सकती है।

यही वजह है कि vocoder का इस्तेमाल इतना सटीक बैठता है। जब आवाज़ इंसानी नहीं, बल्कि आधी-मशीनी हो जाती है, तो वह किसी एक खास व्यक्ति की नहीं रह जाती। वह सबकी हो जाती है, या किसी की नहीं — एक तटस्थ, सार्वभौमिक पुकार। मानो भविष्य से कोई आवाज़ आ रही हो जो पूरी मानवजाति को एक साथ नाचने के लिए बुला रही हो।

दोहराव का असर भी मनोवैज्ञानिक है। जब एक ही चीज़ बार-बार सुनाई देती है, तो हमारा दिमाग धीरे-धीरे अर्थ खोजना छोड़ देता है और सिर्फ अनुभव में डूब जाता है। यही "हिप्नोटिक" प्रभाव डांस फ्लोर पर लोगों को घंटों थिरकने की ताकत देता है — वही ताकत जो कीर्तन या सूफ़ी समा में भक्तों को घंटों झूमने पर मजबूर कर देती है।

एक वीडियो जिसने नियम ही बदल दिए

"Around the World" की कहानी सिर्फ ध्वनि तक सीमित नहीं है। इसका म्यूज़िक वीडियो, जिसे मशहूर निर्देशक Michel Gondry ने बनाया, अपने आप में एक कलाकृति बन गया। इसका विचार बेहद चालाक था — हर वाद्य यंत्र को नर्तकों के एक अलग समूह से दर्शाया गया।

बास लाइन के लिए चमकदार पोशाक वाले नर्तक थे, ड्रम के लिए एथलीट जैसे लोग, सिंथेसाइज़र की धुन के लिए बैले नर्तक, और vocoder वाली आवाज़ के लिए ममी जैसी पट्टियों में लिपटे रोबोट जैसे लोग। ये सब एक गोलाकार सीढ़ीनुमा मंच पर घूमते थे, और हर समूह तभी हरकत करता जब उसका वाद्य यंत्र बजता। यानी आप गाने को सिर्फ सुन नहीं रहे थे, उसे देख भी सकते थे — हर परत को अपनी आँखों से अलग-अलग पहचान सकते थे। यह संगीत और दृश्य कला का ऐसा मेल था जो उस समय कम ही देखने को मिलता था।

इस गाने और एल्बम के साथ Daft Punk ने अपनी एक और सिग्नेचर पहचान बनाई — वे कभी अपना असली चेहरा नहीं दिखाते थे। बाद में वे चमचमाते रोबोटिक हेलमेट पहनने लगे। यह सिर्फ एक स्टाइल नहीं था, बल्कि एक गहरा बयान था: संगीत को संगीतकार के चेहरे या व्यक्तित्व से बड़ा होना चाहिए। आज के सोशल मीडिया युग में, जहाँ हर कलाकार अपना निजी जीवन बेचता है, Daft Punk का यह गुमनाम रहकर सिर्फ कला बोलने देने का फ़ैसला और भी क्रांतिकारी लगता है।

"Around the World" ने French House को मुख्यधारा में पहुँचाया और बाद में आने वाले अनगिनत इलेक्ट्रॉनिक कलाकारों के लिए रास्ता खोला। 2000 के दशक और उसके बाद के EDM विस्फोट की जड़ें इसी तरह के गानों में हैं। यहाँ तक कि भारत में भी जब इलेक्ट्रॉनिक डांस संगीत और बॉलीवुड के रीमिक्स-कल्चर ने ज़ोर पकड़ा, तो उसके पीछे की वैश्विक लहर में Daft Punk जैसे नामों की छाप साफ़ महसूस की जा सकती है।

आज भी क्यों थिरकाता है यह गाना

लगभग तीन दशक बीत जाने के बाद भी "Around the World" बासी नहीं लगता — और इसकी एक खास वजह है। चूँकि यह गाना किसी ज़माने की भाषा, फैशन या निजी कहानी पर नहीं टिका, इसलिए यह कभी पुराना नहीं पड़ता। इसकी groove जितनी 1997 में ताज़ा थी, उतनी ही आज किसी क्लब, जिम, या रोड ट्रिप की प्लेलिस्ट में भी लगती है।

आज जब हम स्ट्रीमिंग के दौर में अनगिनत गानों के बीच रहते हैं, तब "कम में ज़्यादा" वाली यह सोच और भी कीमती लगती है। एक वाक्य, एक groove, और एक बेमिसाल बनावट — इतने से ही एक कालजयी रचना बन सकती है। यह उन सब संगीतकारों के लिए एक सबक है जो मानते हैं कि प्रभावशाली होने के लिए चीज़ को जटिल होना ज़रूरी है।

दुख की बात है कि Daft Punk ने 2021 में अपने अलग होने की घोषणा कर दी, और इसके साथ ही एक युग का अंत हो गया। पर शायद इसी वजह से उनका संगीत अब और भी कीमती लग रहा है। "Around the World" उस गुमनाम, रोबोटिक, फिर भी गहराई से इंसानी जोड़ी की विरासत का सबसे शुद्ध नमूना है — वह पुकार जो आज भी पूरी दुनिया को एक ही लय में बुला रही है।

और शायद यही इसका सबसे सुंदर विरोधाभास है: एक मशीनी आवाज़, जो इंसानों को जोड़ने की सबसे इंसानी इच्छा गा रही है।


गहराई में डूबने के तरीके

🎧 ध्वनि में डूब जाइए

📚 कहानी का पीछा कीजिए

🌍 जगहों की सैर कीजिए

🎸 खुद अनुभव कीजिए


🎵 इस गाने को सुनिए

🤖 और पूछिए:

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