SONGFABLE · 1981

Down Under

MEN AT WORK · 1981 · MELBOURNE, AUSTRALIA

TL;DR: दुनिया जिसे ऑस्ट्रेलिया का सबसे मज़ेदार पार्टी-एंथम समझती है, वह असल में अपने ही देश के बिकते हुए, अमेरिकीकरण होते चेहरे पर लिखा गया एक तीखा व्यंग्य है — और इसकी मशहूर बांसुरी की धुन ने दशकों बाद बैंड को एक दिल तोड़ देने वाले कोर्ट केस में फँसा दिया।
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जो गीत आप समझते हैं, वह गीत है ही नहीं

अगर आपने कभी कोई ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड एशेज़ टेस्ट देखा है, या मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की भीड़ को झूमते देखा है, तो आपने "Down Under" ज़रूर सुना होगा। वह उछलती हुई रेगे-पॉप बीट, वह शरारती बांसुरी, वह सुनहरी धूप जैसी आवाज़ — सब कुछ चिल्ला-चिल्लाकर कहता है: "यह ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय उत्सव-गीत है!"

लेकिन यहीं पर इस कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट छिपा है। बैंड के गायक और मुख्य गीतकार Colin Hay ने बार-बार कहा है कि यह गीत ऑस्ट्रेलिया का गुणगान नहीं, बल्कि उसकी आत्मा के खो जाने पर लिखा गया मर्सिया है। उनके अपने शब्दों के आशय में — यह गीत उस देश के बारे में है जो ज़रूरत से ज़्यादा विकास, लालच और बाहरी सांस्कृतिक प्रभाव के आगे अपनी पहचान गिरवी रख रहा था। यानी दुनिया ने जिस गीत को बीच-पार्टी का एंथम बना दिया, वह दरअसल एक चेतावनी थी: "हमारा देश बिक रहा है, और हम जश्न मना रहे हैं।"

यह विडंबना अपने आप में लगभग शेक्सपियर जैसी है। और भारतीय श्रोताओं के लिए यह कहानी अजीब तरह से जानी-पहचानी लगेगी — क्योंकि अपनी संस्कृति और बाज़ारवाद के बीच की यह रस्साकशी हमने भी हर दशक में महसूस की है।

मेलबर्न के पब से दुनिया की छत तक

Men at Work की कहानी 1979 के आसपास मेलबर्न से शुरू होती है। Colin Hay — जो स्कॉटलैंड में जन्मे थे और किशोरावस्था में परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया आ बसे थे — ने गिटारिस्ट Ron Strykert के साथ मिलकर गाने लिखने शुरू किए। कहा जाता है कि "Down Under" का मूल ढाँचा Strykert के एक बेस-लूप से निकला, जिस पर Hay ने धुन और शब्द चढ़ाए। बाद में बैंड में Greg Ham (सैक्सोफोन, बांसुरी, कीबोर्ड), John Rees (बेस) और Jerry Speiser (ड्रम्स) जुड़े, और यह पाँच लोगों की टोली मेलबर्न के Richmond इलाके के Cricketers Arms Hotel नाम के पब में हफ़्ते-दर-हफ़्ते बजाती रही।

सोचिए — एक पब जिसके नाम में ही "Cricketers" है, वहाँ से निकला गीत आगे चलकर क्रिकेट-स्टेडियमों का स्थायी साउंडट्रैक बन गया। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह संयोग मुस्कुराने लायक है: जब 1983 में यह गीत दुनिया भर के चार्ट्स पर राज कर रहा था, ठीक उसी साल कपिल देव की टीम लॉर्ड्स में विश्व कप उठा रही थी। दोनों घटनाएँ अपने-अपने देशों के लिए एक ही ऐलान थीं — "हम छोटे, दूर-दराज़ के खिलाड़ी नहीं हैं; हम दुनिया के मंच पर खड़े होने आए हैं।"

"Down Under" का पहला संस्करण 1980 में एक बी-साइड के तौर पर रिकॉर्ड हुआ था — धीमा, ज़्यादा रेगे-रंग वाला। लेकिन 1981 में, अमेरिकी निर्माता Peter McIan के साथ बैंड ने इसे अपने पहले एल्बम Business as Usual के लिए दोबारा रिकॉर्ड किया — कसा हुआ, चमकदार, और Greg Ham की उस बांसुरी-लाइन के साथ जो आगे चलकर पॉप इतिहास की सबसे पहचानी जाने वाली धुनों में गिनी जाएगी। नतीजा इतिहास बन गया: जनवरी 1983 में Men at Work ऐसा पहला ऑस्ट्रेलियाई बैंड बना जिसका एल्बम और सिंगल एक ही समय पर अमेरिका और ब्रिटेन — दोनों चार्ट्स पर नंबर एक थे। उसी साल बैंड ने Best New Artist का Grammy भी जीता — यह सम्मान पाने वाला पहला ऑस्ट्रेलियाई एक्ट।

शब्दों के पीछे की असली कहानी

तो आख़िर यह गीत कहता क्या है? सतह पर यह एक घुमक्कड़ ऑस्ट्रेलियाई की कहानी है — एक ऐसा यात्री जो दुनिया घूमते हुए अजीब-अजीब किरदारों से टकराता है। कभी वह एक नशे में धुत्त सफ़र पर एक अजीब महिला से मिलता है, कभी ब्रसेल्स में एक लंबा-चौड़ा आदमी उसे ऑस्ट्रेलियाई होने के नाते मुस्कुराकर सैंडविच बढ़ा देता है, कभी बॉम्बे — जी हाँ, हमारे ही मुंबई — के एक अफ़ीमख़ाने में एक कम बोलने वाला आदमी उससे पूछता है कि क्या वह उस जादुई धरती से आया है जहाँ औरतें चमकती हैं और मर्द लूटते-खसोटते हैं।

भारतीय श्रोता के लिए यह छोटा-सा तथ्य ही गीत को निजी बना देता है: दुनिया के सबसे मशहूर ऑस्ट्रेलियाई गीत के तीन ठिकानों में से एक बॉम्बे है। 1970-80 के दशक में "हिप्पी ट्रेल" पर निकले पश्चिमी घुमक्कड़ों के लिए भारत एक तीर्थ जैसा था, और Hay ने उसी बोहेमियन भूगोल को अपने किरदार के नक़्शे में पिरो दिया।

लेकिन हर पद के बाद आने वाला कोरस ही गीत की आत्मा है — और उसका असली अर्थ कड़वा है। यात्री बार-बार उस धरती की बात करता है जहाँ बादल तक "लूटपाट" करते से लगते हैं — यह ऑस्ट्रेलिया की उस छवि पर तंज़ है जो प्राकृतिक संसाधनों को खोदकर, बेचकर, और विदेशी पूँजी के हवाले करके बनाई जा रही थी। Hay ने इंटरव्यूज़ में समझाया है कि गीत का मूल भाव यह सवाल है: जब सब कुछ बिक जाएगा, तो "ऑस्ट्रेलियाई होने" का मतलब क्या बचेगा? Vegemite सैंडविच वाला मशहूर दृश्य भी इसी ओर इशारा करता है — पहचान सिमटकर एक ब्रांडेड प्रोडक्ट रह गई है। मज़ेदार बात यह कि Vegemite तब अमेरिकी कंपनी Kraft के स्वामित्व में था — यानी "ऑस्ट्रेलियाई पहचान" का सबसे बड़ा प्रतीक भी असल में विदेशी हाथों में था। व्यंग्य इससे ज़्यादा परतदार नहीं हो सकता।

भारत में पले-बढ़े किसी भी व्यक्ति को यह बहस पहचानी हुई लगेगी — हमने भी उदारीकरण के बाद यही सवाल पूछे हैं: कोका-कोला और मैकडॉनल्ड्स के आने के बाद "भारतीयता" कहाँ बचती है? "Down Under" वही सवाल है, बस ऑस्ट्रेलियाई लहजे में, और इतनी आकर्षक धुन में लिपटा हुआ कि दुनिया ने सवाल सुना ही नहीं — सिर्फ़ धुन गुनगुनाई।

जश्न, एंथम और एक दिल तोड़ने वाला मुक़दमा

1983 की शुरुआत में "Down Under" अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आयरलैंड, न्यूज़ीलैंड और ख़ुद ऑस्ट्रेलिया — हर जगह नंबर एक था। उसी साल सितंबर में जब ऑस्ट्रेलिया ने America's Cup नौकायन ट्रॉफी जीतकर अमेरिका का 132 साल पुराना वर्चस्व तोड़ा, तो विजेता टीम Australia II का अनौपचारिक एंथम यही गीत था। तब से यह गीत हर ओलंपिक, हर एशेज़ सीरीज़, हर रग्बी विश्व कप में ऑस्ट्रेलियाई समर्थकों की आवाज़ बन गया। सिडनी 2000 ओलंपिक के समापन समारोह में भी Men at Work ने इसे बजाया। एक देश ने व्यंग्य को गले लगाकर उसे झंडा बना लिया — यह पॉप संस्कृति की सबसे अनोखी घटनाओं में से एक है।

लेकिन कहानी का सबसे दुखद अध्याय 2009 में शुरू हुआ। एक ऑस्ट्रेलियाई टीवी क्विज़ शो में मज़ाक़-मज़ाक़ में पूछा गया सवाल — कि "Down Under" की बांसुरी की धुन किस बच्चों के गीत से मिलती है — एक मुक़दमे में बदल गया। 1934 में Marion Sinclair नाम की एक शिक्षिका ने गर्ल गाइड्स के लिए "Kookaburra Sits in the Old Gum Tree" नाम का गीत लिखा था, और उसके कॉपीराइट के मालिक Larrikin Music ने दावा ठोक दिया कि Greg Ham की बांसुरी-लाइन में उस गीत के अंश हैं। 2010 में अदालत ने Larrikin के पक्ष में फ़ैसला सुनाया — हालाँकि माँगी गई भारी रक़म की जगह रॉयल्टी का छोटा हिस्सा ही दिलाया।

Colin Hay ने इस फ़ैसले को रचनात्मकता के साथ अन्याय कहा, और कहा जाता है कि Greg Ham इस मुक़दमे से कभी उबर नहीं पाए — उन्हें डर सताता रहा कि उन्हें "धुन चुराने वाले" के रूप में याद किया जाएगा। 2012 में Ham अपने मेलबर्न स्थित घर में मृत पाए गए। Hay आज भी हर कॉन्सर्ट में अपने पुराने साथी को याद करते हैं। एक गीत जो पहचान खोने के डर पर लिखा गया था, उसने अपने ही रचनाकार से उसकी सबसे प्यारी पहचान छीन ली — नियति का यह क्रूर मज़ाक़ इस गीत की कथा का स्थायी हिस्सा बन चुका है।

दिलचस्प उपसंहार: 2019 में अदालत के बाहर यह विवाद शांत हो चुका था, और Colin Hay आज भी दुनिया भर के दौरों पर यह गीत गाते हैं — अक्सर एक धीमे, उदास, अकूस्टिक रूप में, जो गीत के असली, मायूस अर्थ को सतह पर ले आता है।

आज यह गीत क्यों ज़िंदा है

चालीस साल से ज़्यादा बीत जाने के बाद भी "Down Under" क्यों नहीं बूढ़ा हुआ? तीन वजहें हैं।

पहली — यह दो गीतों का एक गीत है। जो जश्न चाहता है, उसे जश्न मिलता है; जो परतें खोलना चाहता है, उसे व्यंग्य, बेचैनी और देशप्रेम का जटिल रिश्ता मिलता है। महान पॉप गीत अक्सर यही करते हैं — वे हर श्रोता को उसका अपना गीत दे देते हैं।

दूसरी — इसका सवाल आज पहले से ज़्यादा प्रासंगिक है। वैश्वीकरण, सांस्कृतिक पहचान का क्षरण, "हम कौन हैं" की बेचैनी — यह सब 2026 के भारत में उतना ही जीवित है जितना 1981 के ऑस्ट्रेलिया में था। जब आप अगली बार किसी मॉल में बैठकर सोचें कि आपके शहर की अपनी कौन-सी चीज़ बची है, तो समझिए आप वही गीत जी रहे हैं जो Colin Hay ने लिखा था।

तीसरी — खेल। भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता आज दुनिया की सबसे बड़ी खेल-कथाओं में से एक है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के हर मुक़ाबले में, MCG के बॉक्सिंग डे टेस्ट में, जब ऑस्ट्रेलियाई भीड़ इस गीत पर झूमती है, तो लाखों भारतीय दर्शक अनजाने में इस गीत के साथ बड़े होते हैं। 2020-21 में जब भारत ने गाबा में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, तो स्टेडियम के स्पीकरों की वही धुन भारतीय प्रशंसकों के लिए जीत की पृष्ठभूमि-संगीत बन गई। दुश्मन के एंथम को अपनी जीत के जश्न में बदल देना — इससे मीठा बदला क्या होगा?

और अंत में, वह बांसुरी। भारतीय कानों के लिए बांसुरी कभी विदेशी नहीं रही — कृष्ण से लेकर हरिप्रसाद चौरसिया तक, यह हमारी सबसे आत्मीय आवाज़ है। शायद इसीलिए "Down Under" भारत में बिना किसी अनुवाद के घर कर जाता है: एक बांसुरी की चार सेकंड की शरारत, और दिल पिघल जाता है। Greg Ham की वह धुन — विवादों के बावजूद — पॉप संगीत के सबसे ख़ुशनुमा पलों में हमेशा गिनी जाएगी।


गहराई में डूबने के तरीके

🎧 आवाज़ में डूबिए

📚 कहानी का पीछा कीजिए

🌍 उन जगहों की सैर कीजिए

🎸 ख़ुद अनुभव कीजिए


🎵 यह गीत सुनिए

🤖 और पूछिए:

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